Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 31

निशुम्भवध

ततो भगवती क्रुद्धा दुर्गा दुर्गार्तिनाशिनी । चिच्छेद तानि चक्राणि स्वशरैः सायकांश्च तान् ॥ ३१ ॥

tato bhagavatī kruddhā durgā durgārtināśhinī chichchheda tāni chakrāṇi svaśharaiḥ sāyakāṁśhcha tān

हिंदी अर्थ

तब दुर्गम पीड़ा का नाश करने वाली भगवती दुर्गा ने क्रोधित होकर अपने बाणों से उन चक्रों और बाणों को काट गिराया।

भावार्थ

"दुर्गार्तिनाशिनी" (दुर्गम पीड़ा का नाश करने वाली): दुर्गा नाम की एक और व्याख्या।