ततो निशुम्भो वेगेन गदामादाय चण्डिकाम् । अभ्यधावत वै हन्तुं दैत्यसेनासमावृतः ॥ ३२ ॥
tato niśhumbho vegena gadāmādāya chaṇḍikām abhyadhāvata vai hantuṁ daityasenāsamāvṛitaḥ
हिंदी अर्थ
तब निशुम्भ दैत्य सेना के साथ हाथ में गदा लेकर चण्डिका को मारने के लिए बड़े वेग से दौड़ा।
भावार्थ
निशुम्भ, अभी हारा नहीं, अपनी सेना के साथ एक बार फिर धावा करता है।
