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ॐ

माँ दुर्गा पूजा विधिघर पर दैनिक और शुक्रवार का पूजन

शुक्रवार, अष्टमी और पूरे वर्ष घर पर माँ दुर्गा की पूजा कैसे करें: लाल चुनरी और शृंगार, पूजा का क्रम, नवार्ण मंत्र, दुर्गा सप्तश्लोकी, कवच, चालीसा और आरती, और नवरात्रि की पूरी विधि कहाँ मिलेगी।

रक्षा करने वाली माँ

दुर्गा देवी का रक्षक, विजयी रूप हैं, सिंह पर सवार, देवताओं के दिए शस्त्र धारण किए हुए। घर पर उनकी पूजा माँ के स्वागत जैसी होती है: उन्हें लाल चुनरी, सुहागिन का शृंगार, लाल फूल और दीपक अर्पित किए जाते हैं, और उनका नाम गाया जाता है। यह विधि नियमित पूजा के लिए है; कलश स्थापना और कन्या पूजन सहित नवरात्रि के नौ दिनों के लिए देखें नवरात्रि पूजा की संपूर्ण विधि।

कब करें

  • शुक्रवार और मंगलवार, सुबह या संध्या में।
  • हर मास की अष्टमी (मासिक दुर्गाष्टमी)।
  • दोनों नवरात्रियाँ, चैत्र और शारदीय, और विजयादशमी।

पूजा सामग्री

  • माँ दुर्गा का चित्र या प्रतिमा
  • लाल चुनरी और शृंगार सामग्री: सिंदूर, चूड़ियाँ, बिंदी, मेहँदी, काजल
  • लाल फूल, विशेषकर गुड़हल, और माला
  • कुमकुम, अक्षत, एक नारियल
  • घी का दीपक (नवरात्रि में अखंड ज्योति), धूप, कपूर
  • भोग: हलवा, पूरी और चना, खीर, या फल

क्रमवार विधि

  1. तैयारी। स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें (लाल पारंपरिक है), और पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें।
  2. पहले गणेश। गणेश जी को एक फूल चढ़ाएँ।
  3. संकल्प। दाहिने हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर अपना नाम और प्रार्थना कहें, फिर जल छोड़ दें।
  4. आवाहन। थोड़ा गंगाजल छिड़कें और माँ को पधारने का निमंत्रण दें।
  5. शृंगार। कुमकुम लगाएँ, सिंदूर अर्पित करें, लाल चुनरी ओढ़ाएँ, और शृंगार सामग्री उनके सामने रखें।
  6. फूल। लाल फूल और माला, फिर अक्षत चढ़ाएँ।
  7. दीप और धूप। दीपक जलाएँ और धूप दिखाएँ।
  8. भोग। भोग और नारियल अर्पित करें।
  9. मंत्र। नवार्ण मंत्र या दुर्गा गायत्री मंत्र का 108 बार जप करें।
  10. पाठ। दुर्गा सप्तश्लोकी, दुर्गा कवच या दुर्गा चालीसा पढ़ें। पूरे पाठ के लिए दुर्गा सप्तशती पढ़ें।
  11. आरती। कपूर और घंटी के साथ जय अम्बे गौरी गाएँ।
  12. समापन। क्षमा माँगें, प्रणाम करें, और प्रसाद बाँटें।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • लाल माँ का रंग है: लाल फूल, लाल चुनरी और लाल वस्त्र पारंपरिक हैं।
  • नवरात्रि और अष्टमी पर बहुत-से घरों में छोटी कन्याओं को देवी का जीवित रूप मानकर पूजा जाता है (कन्या पूजन), उनके पैर धोकर हलवा, पूरी और चने का भोजन कराया जाता है।
  • नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाएँ, तो किसी को उसकी देखरेख करनी होगी ताकि नौ दिन तक वह न बुझे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा पूजा के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

नियमित पूजा के लिए शुक्रवार और मंगलवार, हर मास की अष्टमी, और सबसे बढ़कर दोनों नवरात्रियाँ।

माँ दुर्गा के लिए कौन-सा मंत्र जपें?

नवार्ण मंत्र दुर्गा का मुख्य मंत्र है; दुर्गा गायत्री मंत्र भी व्यापक रूप से जपा जाता है।

माँ दुर्गा को क्या चढ़ाएँ?

लाल चुनरी और शृंगार सामग्री, लाल फूल (विशेषकर गुड़हल), नारियल, और भोग में हलवा, पूरी और चना या खीर।

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