पुनश्च कृत्वा बाहूनामयुतं दनुजेश्वरः । चक्रायुधेन दितिजश्छादयामास चण्डिकाम् ॥ ३० ॥
punaśhcha kṛitvā bāhūnāmayutaṁ danujeśhvaraḥ chakrāyudhena ditijaśhchhādayāmāsa chaṇḍikām
हिंदी अर्थ
फिर उस दानवराज ने दस हज़ार भुजाएँ बनाकर चक्रों से चण्डिका को ढक दिया।
भावार्थ
दस हज़ार भुजाएँ: असुर भी अपनी शक्ति बढ़ा सकते हैं, पर वह पर्याप्त नहीं होगी।
