Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 24

निशुम्भवध

दुरात्मंस्तिष्ठ तिष्ठेति व्याजहाराम्बिका यदा । तदा जयेत्यभिहितं देवैराकाशसंस्थितैः ॥ २४ ॥

durātmaṁstiṣhṭha tiṣhṭheti vyājahārāmbikā yadā tadā jayetyabhihitaṁ devairākāśhasaṁsthitaiḥ

हिंदी अर्थ

जब अम्बिका ने कहा, "ओ दुरात्मन्! खड़ा रह, खड़ा रह!", तब आकाश में खड़े देवता बोल उठे, "जय हो!"

भावार्थ

"तिष्ठ तिष्ठ" (खड़ा रह, खड़ा रह): देवी की चुनौती, जिसका उत्तर देवताओं का विजय-घोष है।