Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 25

निशुम्भवध

शुम्भेनागत्य या शक्तिर्मुक्ता ज्वालातिभीषणा । आयान्ती वह्निकूटाभा सा निरस्ता महोल्कया ॥ २५ ॥

śhumbhenāgatya yā śhaktirmuktā jvālātibhīṣhaṇā āyāntī vahnikūṭābhā sā nirastā maholkayā

हिंदी अर्थ

शुम्भ ने आकर जो ज्वालाओं से युक्त अत्यंत भयानक शक्ति चलाई, अग्नि-पर्वत के समान आती हुई उस शक्ति को एक बड़े उल्का ने दूर हटा दिया।

भावार्थ

देवी उसके शस्त्र को हटाने के लिए एक बड़े उल्का का प्रयोग करती हैं।