Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 23

निशुम्भवध

अट्टाट्टहासमशिवं शिवदूती चकार ह । तैः शब्दैरसुरास्त्रेसुः शुम्भः कोपं परं ययौ ॥ २३ ॥

aṭṭāṭṭahāsamaśhivaṁ śhivadūtī chakāra ha taiḥ śhabdairasurāstresuḥ śhumbhaḥ kopaṁ paraṁ yayau

हिंदी अर्थ

शिवदूती ने असुरों के लिए अमंगलकारी अट्टहास किया; उन शब्दों से असुर थर्रा उठे, और शुम्भ को बड़ा क्रोध हुआ।

भावार्थ

असुर काँप उठते हैं, पर शुम्भ केवल और क्रोधित होता है।