तमायान्तं समालोक्य देवी शङ्खमवादयत् । ज्याशब्दं चापि धनुषश्चकारातीव दुःसहम् ॥ १९ ॥
tamāyāntaṁ samālokya devī śhaṅkhamavādayat jyāśhabdaṁ chāpi dhanuṣhaśhchakārātīva duḥsaham
हिंदी अर्थ
उसे आते देख देवी ने शंख बजाया और धनुष की प्रत्यंचा का अत्यंत दुस्सह शब्द किया।
भावार्थ
फिर शस्त्र के रूप में ध्वनि: शंख, प्रत्यंचा और अगले श्लोक में घंटा।
