तस्याहतस्य बहुधा शक्तिशूलादिभिर्भुवि । पपात यो वै रक्तौघस्तेनासञ्छतशोऽसुराः ॥ ५१ ॥
tasyāhatasya bahudhā śhaktiśhūlādibhirbhuvi papāta yo vai raktaughastenāsañchhataśho’surāḥ
हिंदी अर्थ
शक्ति, शूल आदि से बार-बार घायल होने पर उसके शरीर से जो रक्त-धारा पृथ्वी पर गिरी, उससे सैकड़ों असुर उत्पन्न हुए।
भावार्थ
केवल बल से यह युद्ध नहीं जीता जा सकता।
