Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 30

रक्तबीजवध

ततः प्रथममेवाग्रे शरशक्त्यृष्टिवृष्टिभिः । ववर्षुरुद्धतामर्षास्तां देवीममरारयः ॥ ३० ॥

tataḥ prathamamevāgre śharaśhaktyṛiṣhṭivṛiṣhṭibhiḥ vavarṣhuruddhatāmarṣhāstāṁ devīmamarārayaḥ

हिंदी अर्थ

तब अमर्ष से भरे देवशत्रु पहले ही देवी पर बाण, शक्ति और ऋष्टि की वर्षा करने लगे।

भावार्थ

असुर शांति का प्रस्ताव ठुकराकर तुरंत आक्रमण करते हैं।