Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 8, श्लोक 31

रक्तबीजवध

सा च तान् प्रहितान् बाणाञ्छूलशक्तिपरश्वधान् । चिच्छेद लीलयाऽऽध्मातधनुर्मुक्तैर्महेषुभिः ॥ ३१ ॥

sā cha tān prahitān bāṇāñchhūlaśhaktiparaśhvadhān chichchheda līlayā’’dhmātadhanurmuktairmaheṣhubhiḥ

हिंदी अर्थ

और उन्होंने खेल-खेल में ही धनुष तानकर छोड़े गए बड़े बाणों से उनके फेंके बाण, शूल, शक्ति और फरसे काट डाले।

भावार्थ

फिर "लीलया": सहजता से।