ततो देवीशरीरात्तु विनिष्क्रान्तातिभीषणा । चण्डिकाशक्तिरत्युग्रा शिवाशतनिनादिनी ॥ २३ ॥
tato devīśharīrāttu viniṣhkrāntātibhīṣhaṇā chaṇḍikāśhaktiratyugrā śhivāśhataninādinī
हिंदी अर्थ
तब देवी के शरीर से अत्यंत भयानक और परम उग्र चण्डिका-शक्ति प्रकट हुई, जो सैकड़ों गीदड़ियों की तरह नाद कर रही थी।
भावार्थ
देवी अब अपनी स्वयं की एक शक्ति उत्पन्न करती हैं, जो शिवदूती बनेंगी।
