ततः परिवृतस्ताभिरीशानो देवशक्तिभिः । हन्यन्तामसुराः शीघ्रं मम प्रीत्याऽऽह चण्डिकाम् ॥ २२ ॥
tataḥ parivṛitastābhirīśhāno devaśhaktibhiḥ hanyantāmasurāḥ śhīghraṁ mama prītyā’’ha chaṇḍikām
हिंदी अर्थ
तब उन देवशक्तियों से घिरे हुए ईशान (शिव) ने चण्डिका से कहा, "मेरी प्रसन्नता के लिए शीघ्र ही असुरों का संहार करो।"
भावार्थ
स्वयं शिव देवी को कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
