एकं जग्राह केशेषु ग्रीवायामथ चापरम् । पादेनाक्रम्य चैवान्यमुरसान्यमपोथयत् ॥ १२ ॥
ekaṁ jagrāha keśheṣhu grīvāyāmatha chāparam pādenākramya chaivānyamurasānyamapothayat
हिंदी अर्थ
किसी को बालों से पकड़ लेतीं, किसी का गला दबा देतीं, किसी को पैर से कुचल देतीं, और किसी को छाती के धक्के से गिराकर मार डालती थीं।
भावार्थ
"बालों से पकड़ना" ठीक वही है जो असुरों ने देवी के लिए सोचा था (6.4)। अब यही उनके साथ होता है।
