तथैव योधं तुरगै रथं सारथिना सह । निक्षिप्य वक्त्रे दशनैश्चर्वयन्त्यतिभैरवम् ॥ ११ ॥
tathaiva yodhaṁ turagai rathaṁ sārathinā saha nikṣhipya vaktre daśhanaiśhcharvayantyatibhairavam
हिंदी अर्थ
इसी प्रकार घोड़ों सहित योद्धाओं और सारथियों सहित रथों को मुँह में डालकर वे दाँतों से बड़े भयानक रूप से चबा डालती थीं।
भावार्थ
गीता प्रेस यहाँ "यत्यति" पाठान्तर बताता है।
