पार्ष्णिग्राहाङ्कुशग्राहियोधघण्टासमन्वितान् । समादायैकहस्तेन मुखे चिक्षेप वारणान् ॥ १० ॥
pārṣhṇigrāhāṅkuśhagrāhiyodhaghaṇṭāsamanvitān samādāyaikahastena mukhe chikṣhepa vāraṇān
हिंदी अर्थ
पार्श्वरक्षकों, अंकुशधारी महावतों, योद्धाओं और घंटों सहित हाथियों को एक ही हाथ से पकड़कर वे मुँह में डाल लेती थीं।
भावार्थ
पैमाना जान-बूझकर असंभव है, ताकि ऐसी शक्ति दिखाई जा सके जिसकी असुर कल्पना भी नहीं कर सकते।
