Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 8

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

स दृष्ट्वा तां ततो देवीं तुहिनाचलसंस्थिताम् । जगादोच्चैः प्रयाहीति मूलं शुम्भनिशुम्भयोः ॥ ८ ॥

sa dṛiṣhṭvā tāṁ tato devīṁ tuhināchalasaṁsthitām jagādochchaiḥ prayāhīti mūlaṁ śhumbhaniśhumbhayoḥ

हिंदी अर्थ

हिमालय पर स्थित उन देवी को देखकर उसने ज़ोर से ललकारा, "शुम्भ-निशुम्भ के पास चल!

भावार्थ

वह देवी को तिरस्कार से संबोधित करता है, असुर के अंधेपन की पराकाष्ठा।