Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 7

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

तेनाज्ञप्तस्ततः शीघ्रं स दैत्यो धूम्रलोचनः । वृतः षष्ट्या सहस्राणामसुराणां द्रुतं ययौ ॥ ७ ॥

tenājñaptastataḥ śhīghraṁ sa daityo dhūmralochanaḥ vṛitaḥ ṣhaṣhṭyā sahasrāṇāmasurāṇāṁ drutaṁ yayau

हिंदी अर्थ

इस प्रकार आज्ञा पाकर धूम्रलोचन दैत्य साठ हज़ार असुरों की सेना के साथ तुरंत चल दिया।

भावार्थ

एक स्त्री को पकड़ने के लिए साठ हज़ार सैनिक: डींग मारते हुए भी उसके भय का पैमाना दिखता है।