Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 9

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

न चेत्प्रीत्याद्य भवती मद्भर्तारमुपैष्यति । ततो बलान्नयाम्येष केशाकर्षणविह्वलाम् ॥ ९ ॥

na chetprītyādya bhavatī madbhartāramupaiṣhyati tato balānnayāmyeṣha keśhākarṣhaṇavihvalām

हिंदी अर्थ

यदि तू अभी प्रसन्नता से मेरे स्वामी के पास नहीं चलेगी, तो मैं बलपूर्वक बाल पकड़कर घसीटते हुए तुझे ले चलूँगा।"

भावार्थ

धमकी पूरी दोहराई जाती है, वह अंतिम बात जो वह कहेगा।