Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 4

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

हे धूम्रलोचनाशु त्वं स्वसैन्यपरिवारितः । तामानय बलाद् दुष्टां केशाकर्षणविह्वलाम् ॥ ४ ॥

he dhūmralochanāśhu tvaṁ svasainyaparivāritaḥ tāmānaya balād duṣhṭāṁ keśhākarṣhaṇavihvalām

हिंदी अर्थ

"धूम्रलोचन! तुम शीघ्र अपनी सेना के साथ जाओ, और उस दुष्टा को बाल पकड़कर घसीटते हुए बलपूर्वक यहाँ ले आओ।

भावार्थ

शुम्भ 5.126 की दूत की धमकी को पूरा करता है। मनाना विफल हुआ, इसलिए वह बल की ओर मुड़ता है।