Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 6, श्लोक 3

शुम्भनिशुम्भसेनानीधूम्रलोचनवध

तस्य दूतस्य तद्वाक्यमाकर्ण्यासुरराट् ततः । सक्रोधः प्राह दैत्यानामधिपं धूम्रलोचनम् ॥ ३ ॥

tasya dūtasya tadvākyamākarṇyāsurarāṭ tataḥ sakrodhaḥ prāha daityānāmadhipaṁ dhūmralochanam

हिंदी अर्थ

दूत के वचन सुनकर असुरराज क्रोधित हुआ और दैत्यों के सेनापति धूम्रलोचन से बोला:

भावार्थ

"धूम्रलोचन" का अर्थ है "धुएँ जैसी आँखों वाला", जिसकी दृष्टि धुँधली हो।