Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 5, श्लोक 87

देव्या दूतसंवाद

शरीरकोशाद्यत्तस्याः पार्वत्या निःसृताम्बिका । कौशिकीति समस्तेषु ततो लोकेषु गीयते ॥ ८७ ॥

śharīrakośhādyattasyāḥ pārvatyā niḥsṛitāmbikā kauśhikīti samasteṣhu tato lokeṣhu gīyate

हिंदी अर्थ

पार्वती के शरीरकोश से अम्बिका के प्रकट होने के कारण वे सब लोकों में "कौशिकी" कही जाती हैं।

भावार्थ

"कौशिकी" नाम "कोश" से आता है। गीता प्रेस यहाँ वर्तनी के पाठान्तर बताता है ("कोषा", "कौषिकी")।