यानि चान्यानि देवेषु गन्धर्वेषूरगेषु च । रत्नभूतानि भूतानि तानि मय्येव शोभने ॥ १११ ॥
yāni chānyāni deveṣhu gandharveṣhūrageṣhu cha ratnabhūtāni bhūtāni tāni mayyeva śhobhane
हिंदी अर्थ
हे सुंदरी! देवताओं, गंधर्वों और नागों के पास जो भी अन्य रत्नरूप पदार्थ थे, वे सब मेरे ही पास हैं।
भावार्थ
हर मूल्यवान वस्तु उसकी है, ऐसा वह मानता है।
