इति चेति च वक्तव्या सा गत्वा वचनान्मम । यथा चाभ्येति सम्प्रीत्या तथा कार्यं त्वया लघु ॥ १०३ ॥
iti cheti cha vaktavyā sā gatvā vachanānmama yathā chābhyeti samprītyā tathā kāryaṁ tvayā laghu
हिंदी अर्थ
"मेरी आज्ञा से जाकर उससे ऐसा-ऐसा कहना, और ऐसा उपाय करना कि वह प्रसन्न होकर शीघ्र यहाँ आ जाए।"
भावार्थ
शुम्भ पहले बल के बजाय मनाने का प्रयत्न करता है, यह सोचकर कि देवी चापलूसी से प्रसन्न होंगी।
