Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 27

महिषासुरवध

धुतशृङ्गविभिन्नाश्च खण्डं खण्डं ययुर्घनाः । श्वासानिलास्ताः शतशो निपेतुर्नभसोऽचलाः ॥ २७ ॥

dhutaśhṛiṅgavibhinnāśhcha khaṇḍaṁ khaṇḍaṁ yayurghanāḥ śhvāsānilāstāḥ śhataśho nipeturnabhaso’chalāḥ

हिंदी अर्थ

हिलते सींगों से फटकर बादल टुकड़े-टुकड़े हो गए, और उसकी साँस की हवा से उछाले गए सैकड़ों पर्वत आकाश से गिरने लगे।

भावार्थ

गीता प्रेस यहाँ "खण्डखण्डं" पाठान्तर बताता है।