धुतशृङ्गविभिन्नाश्च खण्डं खण्डं ययुर्घनाः । श्वासानिलास्ताः शतशो निपेतुर्नभसोऽचलाः ॥ २७ ॥
dhutaśhṛiṅgavibhinnāśhcha khaṇḍaṁ khaṇḍaṁ yayurghanāḥ śhvāsānilāstāḥ śhataśho nipeturnabhaso’chalāḥ
हिंदी अर्थ
हिलते सींगों से फटकर बादल टुकड़े-टुकड़े हो गए, और उसकी साँस की हवा से उछाले गए सैकड़ों पर्वत आकाश से गिरने लगे।
भावार्थ
गीता प्रेस यहाँ "खण्डखण्डं" पाठान्तर बताता है।
