Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 12

महिषासुरवध

सोऽपि शक्तिं मुमोचाथ देव्यास्तामम्बिका द्रुतम् । हुंकाराभिहतां भूमौ पातयामास निष्प्रभाम् ॥ १२ ॥

so’pi śhaktiṁ mumochātha devyāstāmambikā drutam huṁkārābhihatāṁ bhūmau pātayāmāsa niṣhprabhām

हिंदी अर्थ

उसने भी देवी पर शक्ति फेंकी, पर अम्बिका ने तुरंत "हुं" की ध्वनि से उसे आहत और निष्प्रभ करके धरती पर गिरा दिया।

भावार्थ

"हुंकार" की ध्वनि ही पर्याप्त है। तंत्र में "हुं" शक्ति और रक्षा का बीज-अक्षर है, और यहाँ अकेले वही एक शस्त्र को हरा देता है।