Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 11

महिषासुरवध

हते तस्मिन्महावीर्ये महिषस्य चमूपतौ । आजगाम गजारूढश्चामरस्त्रिदशार्दनः ॥ ११ ॥

hate tasminmahāvīrye mahiṣhasya chamūpatau ājagāma gajārūḍhaśhchāmarastridaśhārdanaḥ

हिंदी अर्थ

महिष के उस महापराक्रमी सेनापति के मारे जाने पर देवताओं को पीड़ा देने वाला चामर हाथी पर चढ़कर आया।

भावार्थ

अगला सेनापति सामने आता है। हर एक अलग ढंग से गिरेगा।