Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 10

महिषासुरवध

दृष्ट्वा तदापतच्छूलं देवी शूलममुञ्चत । तच्छूलं शतधा तेन नीतं स च महासुरः ॥ १० ॥

dṛiṣhṭvā tadāpatachchhūlaṁ devī śhūlamamuñchata tachchhūlaṁ śhatadhā tena nītaṁ sa cha mahāsuraḥ

हिंदी अर्थ

उस शूल को अपनी ओर आते देख देवी ने भी शूल छोड़ा। उससे उसके शूल के सैकड़ों टुकड़े हो गए, और वह महादैत्य भी।

भावार्थ

उनका शूल एक ही प्रहार में उसके शस्त्र और उसे दोनों नष्ट कर देता है। गीता प्रेस यहाँ "तेन तच्छतधा नीतं" पाठान्तर बताता है।