Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 9

महिषासुरवध

चिक्षेप च ततस्तत्तु भद्रकाल्यां महासुरः । जाज्वल्यमानं तेजोभी रविबिम्बमिवाम्बरात् ॥ ९ ॥

chikṣhepa cha tatastattu bhadrakālyāṁ mahāsuraḥ jājvalyamānaṁ tejobhī ravibimbamivāmbarāt

हिंदी अर्थ

और उस महादैत्य ने उसे भद्रकाली पर फेंका, जो आकाश से गिरते सूर्य-मंडल की तरह तेज से जल रहा था।

भावार्थ

"भद्रकाली" (कल्याणकारी काली) देवी का एक और नाम है। युद्ध में भी वे उनके लिए "भद्र" (शुभ) हैं जिनकी वे रक्षा करती हैं।