Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 66

महिषासुरसैन्यवध

शोणितौघा महानद्यः सद्यस्तत्र प्रसुस्रुवुः । मध्ये चासुरसैन्यस्य वारणासुरवाजिनाम् ॥ ६६ ॥

śhoṇitaughā mahānadyaḥ sadyastatra prasusruvuḥ madhye chāsurasainyasya vāraṇāsuravājinām

हिंदी अर्थ

असुरों की सेना के बीच हाथियों, असुरों और घोड़ों से तुरंत रक्त की बड़ी-बड़ी नदियाँ बहने लगीं।

भावार्थ

रक्त की नदियाँ: महाकाव्य युद्ध की भाषा, जो अपार विनाश को दर्शाती है।