पातितै रथनागाश्वैरसुरैश्च वसुन्धरा । अगम्या साभवत्तत्र यत्राभूत्स महारणः ॥ ६५ ॥
pātitai rathanāgāśhvairasuraiśhcha vasundharā agamyā sābhavattatra yatrābhūtsa mahāraṇaḥ
हिंदी अर्थ
गिरे हुए रथों, हाथियों, घोड़ों और असुरों से वह भूमि, जहाँ वह महायुद्ध हुआ था, चलने योग्य न रही।
भावार्थ
युद्धभूमि स्वयं अगम्य हो जाती है, विजय के पैमाने का माप।
