Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 33

महिषासुरसैन्यवध

अमायतातिमहता प्रतिशब्दो महानभूत् । चुक्षुभुः सकला लोकाः समुद्राश्च चकम्पिरे ॥ ३३ ॥

amāyatātimahatā pratiśhabdo mahānabhūt chukṣhubhuḥ sakalā lokāḥ samudrāśhcha chakampire

हिंदी अर्थ

वह अत्यंत बड़ा नाद आकाश में समा न सका; भारी प्रतिध्वनि हुई, सारे लोक क्षुब्ध हो गए और समुद्र काँप उठे।

भावार्थ

"अमायत" (वह समा न सका): उनकी वाणी स्वयं आकाश से बड़ी है।