Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 23

महिषासुरसैन्यवध

कालदण्डाद्यमो दण्डं पाशं चाम्बुपतिर्ददौ । प्रजापतिश्चाक्षमालां ददौ ब्रह्मा कमण्डलुम् ॥ २३ ॥

kāladaṇḍādyamo daṇḍaṁ pāśhaṁ chāmbupatirdadau prajāpatiśhchākṣhamālāṁ dadau brahmā kamaṇḍalum

हिंदी अर्थ

यमराज ने अपने कालदंड से दंड, जलपति वरुण ने पाश, प्रजापति ने अक्षमाला और ब्रह्मा ने कमंडलु दिया।

भावार्थ

अक्षमाला और कमंडलु आध्यात्मिक जीवन की देन हैं, युद्ध की नहीं। देवी दोनों धारण करती हैं: युद्ध के शस्त्र और प्रार्थना के साधन।