Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 21

महिषासुरसैन्यवध

शङ्खं च वरुणः शक्तिं ददौ तस्यै हुताशनः । मारुतो दत्तवांश्चापं बाणपूर्णे तथेषुधी ॥ २१ ॥

śhaṅkhaṁ cha varuṇaḥ śhaktiṁ dadau tasyai hutāśhanaḥ māruto dattavāṁśhchāpaṁ bāṇapūrṇe tatheṣhudhī

हिंदी अर्थ

वरुण ने शंख, अग्नि ने शक्ति, और वायु ने धनुष तथा बाणों से भरे दो तरकस दिए।

भावार्थ

ये वही आयुध हैं जो दुर्गा की मूर्तियों में दिखते हैं। हर एक का दाता है, इसलिए उनकी हर मूर्ति देवताओं की एकता की पूरी कथा वहन करती है।