Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 11

महिषासुरसैन्यवध

अन्येषां चैव देवानां शक्रादीनां शरीरतः । निर्गतं सुमहत्तेजस्तच्चैक्यं समगच्छत ॥ ११ ॥

anyeṣhāṁ chaiva devānāṁ śhakrādīnāṁ śharīrataḥ nirgataṁ sumahattejastachchaikyaṁ samagachchhata

हिंदी अर्थ

और इन्द्र आदि अन्य देवताओं के शरीरों से भी बहुत बड़ा तेज निकला, और वह सब मिलकर एक हो गया।

भावार्थ

"ऐक्यं समगच्छत" (वह एक हो गया)। एकता का विषय केंद्रीय है: देवताओं की बिखरी शक्तियाँ अलग-अलग निष्फल हैं, पर एक होकर वे देवी बन जाती हैं।