सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी । त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः ॥ ७ ॥
sarvabhūtā yadā devī svargamuktipradāyinī tvaṁ stutā stutaye kā vā bhavantu paramoktayaḥ
हिंदी अर्थ
जब तुम सर्वस्वरूपा देवी स्वर्ग और मुक्ति देने वाली हो, तब इसी रूप में तुम्हारी स्तुति हो गई। तुम्हारी स्तुति के लिए इससे श्रेष्ठ उक्तियाँ और क्या हो सकती हैं?
भावार्थ
वे क्या हैं, यह कहना ही सबसे बड़ी स्तुति है। गीता प्रेस यहाँ "भुक्ति" पाठान्तर बताता है, जिससे प्रसिद्ध युग्म "भुक्ति-मुक्ति" बनता है।
