एतत्ते वदनं सौम्यं लोचनत्रयभूषितम् । पातु नः सर्वभीतिभ्यः कात्यायनि नमोऽस्तु ते ॥ २५ ॥
etatte vadanaṁ saumyaṁ lochanatrayabhūṣhitam pātu naḥ sarvabhītibhyaḥ kātyāyani namo’stu te
हिंदी अर्थ
कात्यायनि! तीन नेत्रों से विभूषित तुम्हारा यह सौम्य मुख सब भयों से हमारी रक्षा करे; तुम्हें नमस्कार है।
भावार्थ
पहले उनका सौम्य मुख, फिर उनके आयुध।
