ज्वालाकरालमत्युग्रमशेषासुरसूदनम् । त्रिशूलं पातु नो भीतेर्भद्रकालि नमोऽस्तु ते ॥ २६ ॥
jvālākarālamatyugramaśheṣhāsurasūdanam triśhūlaṁ pātu no bhīterbhadrakāli namo’stu te
हिंदी अर्थ
भद्रकाली! ज्वालाओं से विकराल, अत्यंत भयंकर और समस्त असुरों का संहार करने वाला तुम्हारा त्रिशूल भय से हमें बचाए; तुम्हें नमस्कार है।
भावार्थ
जिस त्रिशूल ने शुम्भ को मारा, वही अब भक्त की रक्षा करता है।
