ततः प्रसन्नमखिलं हते तस्मिन् दुरात्मनि । जगत्स्वास्थ्यमतीवाप निर्मलं चाभवन्नभः ॥ २८ ॥
tataḥ prasannamakhilaṁ hate tasmin durātmani jagatsvāsthyamatīvāpa nirmalaṁ chābhavannabhaḥ
हिंदी अर्थ
उस दुरात्मा के मारे जाने पर सारा जगत प्रसन्न और पूर्ण स्वस्थ हो गया, और आकाश निर्मल हो गया।
भावार्थ
"जगत्स्वास्थ्यम्" (जगत स्वस्थ हो गया): असुर की मृत्यु केवल विजय नहीं, पूरे ब्रह्मांड का उपचार है।
