Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 26

शुम्भवध

तमायान्तं ततो देवी सर्वदैत्यजनेश्वरम् । जगत्यां पातयामास भित्त्वा शूलेन वक्षसि ॥ २६ ॥

tamāyāntaṁ tato devī sarvadaityajaneśhvaram jagatyāṁ pātayāmāsa bhittvā śhūlena vakṣhasi

हिंदी अर्थ

तब सब दैत्यों के राजा शुम्भ को अपनी ओर आते देख देवी ने त्रिशूल से उसकी छाती छेदकर उसे पृथ्वी पर गिरा दिया।

भावार्थ

अंतिम प्रहार।