Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 17

शुम्भवध

तस्यापतत एवाशु खड्गं चिच्छेद चण्डिका । धनुर्मुक्तैः शितैर्बाणैश्चर्म चार्ककरामलम् ॥ १७ ॥

tasyāpatata evāśhu khaḍgaṁ chichchheda chaṇḍikā dhanurmuktaiḥ śhitairbāṇaiśhcharma chārkakarāmalam

हिंदी अर्थ

उसके आते ही चण्डिका ने धनुष से छोड़े तीखे बाणों से उसकी तलवार और सूर्य-किरणों जैसी उज्ज्वल ढाल को तुरंत काट दिया।

भावार्थ

गीता प्रेस बताता है कि कुछ प्रतियों में यहाँ एक अर्धपंक्ति और है: उन्होंने उसके घोड़े और सारथि सहित रथ भी गिरा दिया।