Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 16

शुम्भवध

ततः खड्गमुपादाय शतचन्द्रं च भानुमत् । अभ्यधावत्तदा देवीं दैत्यानामधिपेश्वरः ॥ १६ ॥

tataḥ khaḍgamupādāya śhatachandraṁ cha bhānumat abhyadhāvattadā devīṁ daityānāmadhipeśhvaraḥ

हिंदी अर्थ

तब दैत्यों के स्वामी ने सौ चाँदों वाली चमकती ढाल और तलवार लेकर देवी पर धावा किया।

भावार्थ

गीता प्रेस यहाँ "वत तां हन्तुं दैत्या॰" पाठान्तर बताता है।