छिन्ने धनुषि दैत्येन्द्रस्तथा शक्तिमथाददे । चिच्छेद देवी चक्रेण तामप्यस्य करे स्थिताम् ॥ १५ ॥
chhinne dhanuṣhi daityendrastathā śhaktimathādade chichchheda devī chakreṇa tāmapyasya kare sthitām
हिंदी अर्थ
धनुष कट जाने पर दैत्यराज ने शक्ति उठाई, और देवी ने चक्र से उसके हाथ में स्थित उस शक्ति को भी काट गिराया।
भावार्थ
वे शस्त्र को उसके हाथ में रहते ही नष्ट कर देती हैं।
