Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 18

शुम्भवध

हताश्वः स तदा दैत्यश्छिन्नधन्वा विसारथिः । जग्राह मुद्गरं घोरमम्बिकानिधनोद्यतः ॥ १८ ॥

hatāśhvaḥ sa tadā daityaśhchhinnadhanvā visārathiḥ jagrāha mudgaraṁ ghoramambikānidhanodyataḥ

हिंदी अर्थ

घोड़े मारे गए, धनुष कट गया और सारथि नहीं रहा, तब उस दैत्य ने अम्बिका को मारने के लिए भयंकर मुद्गर उठाया।

भावार्थ

सब कुछ छिन जाने पर भी वह लड़ता है।