बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति । तया विसृज्यते विश्वं जगदेतच्चराचरम् ॥ ५६ ॥
balādākṛiṣhya mohāya mahāmāyā prayachchhati tayā visṛijyate viśhvaṁ jagadetachcharācharam
हिंदी अर्थ
बलपूर्वक खींचकर मोह में डाल देती हैं। उन्हीं के द्वारा यह सम्पूर्ण चराचर जगत रचा जाता है।
भावार्थ
जो शक्ति मोहित करती है, वही सृष्टि भी करती है। ममता के खिंचाव के बिना, संसार जैसा हम जानते हैं, वैसा टिका नहीं रहता।
