तस्य पालयतः सम्यक् प्रजाः पुत्रानिवौरसान् । बभूवुः शत्रवो भूपाः कोलाविध्वंसिनस्तदा ॥ ५ ॥
tasya pālayataḥ samyak prajāḥ putrānivaurasān babhūvuḥ śhatravo bhūpāḥ kolāvidhvaṁsinastadā
हिंदी अर्थ
वे अपनी प्रजा का अपने औरस पुत्रों की तरह भली भाँति पालन करते थे, फिर भी उस समय कोलाविध्वंसी राजा उनके शत्रु बन गए।
भावार्थ
कथा एक अच्छे राजा से शुरू होती है जो बिना किसी दोष के सब कुछ खो देता है। यह जान-बूझकर है। सप्तशती गलत कर्मों के दंड की नहीं, बल्कि इस बात की कथा है कि मनुष्य दुर्भाग्य का सामना कैसे करता है।
