शुम्भमुक्ताञ्छरान्देवी शुम्भस्तत्प्रहिताञ्छरान् । चिच्छेद स्वशरैरुग्रैः शतशोऽथ सहस्रशः ॥ २७ ॥
śhumbhamuktāñchharāndevī śhumbhastatprahitāñchharān chichchheda svaśharairugraiḥ śhataśho’tha sahasraśhaḥ
हिंदी अर्थ
शुम्भ के चलाए बाणों को देवी ने, और देवी के चलाए बाणों को शुम्भ ने, अपने भयंकर बाणों से सैकड़ों-हज़ारों टुकड़ों में काट दिया।
भावार्थ
क्षण भर के लिए बाणों का बराबर का आदान-प्रदान।
