Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 21

निशुम्भवध

ततः सिंहो महानादैस्त्याजितेभमहामदैः । पूरयामास गगनं गां तथैव दिशो दश ॥ २१ ॥

tataḥ siṁho mahānādaistyājitebhamahāmadaiḥ pūrayāmāsa gaganaṁ gāṁ tathaiva diśho daśha

हिंदी अर्थ

तब सिंह ने अपनी दहाड़ से, जिसे सुनकर बड़े-बड़े गजराजों का मद उतर जाता था, आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को गुँजा दिया।

भावार्थ

गीता प्रेस यहाँ "तथोपदिशो" पाठान्तर बताता है।