Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 16

निशुम्भवध

ततः परशुहस्तं तमायान्तं दैत्यपुङ्गवम् । आहत्य देवी बाणौघैरपातयत भूतले ॥ १६ ॥

tataḥ paraśhuhastaṁ tamāyāntaṁ daityapuṅgavam āhatya devī bāṇaughairapātayata bhūtale

हिंदी अर्थ

तब फरसा हाथ में लेकर आते उस दैत्यश्रेष्ठ को देवी ने बाणों के समूह से घायल करके धरती पर गिरा दिया।

भावार्थ

निशुम्भ मूर्च्छित होकर गिरता है, पर अभी मरा नहीं।