आविध्याथ गदां सोऽपि चिक्षेप चण्डिकां प्रति । सापि देव्या त्रिशूलेन भिन्ना भस्मत्वमागता ॥ १५ ॥
āvidhyātha gadāṁ so’pi chikṣhepa chaṇḍikāṁ prati sāpi devyā triśhūlena bhinnā bhasmatvamāgatā
हिंदी अर्थ
उसने गदा घुमाकर चण्डिका पर चलाई, पर वह भी देवी के त्रिशूल से कटकर भस्म हो गई।
भावार्थ
गीता प्रेस यहाँ "अथादाय" पाठान्तर बताता है।
